Thursday, 1 March 2012

आशा


मैं एक आशा हूँ 
मेरे टूट जाने का तो सवाल ही नहीं होता 
मैं बनी रहती हूँ हर एक मन में 
ताकि हर मन जीवित रह सके 

मुझे खुद को बचाए ही रखना है हर हाल में 
यदि मेरा अस्तित्व मिटा, तो मुश्किल हो जायेगा  
किसी के भी अस्तित्व का कायम रहना 

यदि मेरा कोई एक रूप टूट भी गया बिखर भी गया 
तो झट से एक नए कलेवर को धारण करके 
मैं पुनः मन में प्रकट हो जाउंगी 
मैं रहूँगी, सदा रहूँगी..... 

30 comments:

  1. आशा ही तो वह पतवार है ..जिसके सहारे हमें हर तूफ़ान से निबटते जाना है और जिए जाना है!...सुन्दर भावाभिव्यक्ति !!!

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  2. आशा के विश्वास को, लगे न प्रभु जी ठेस ।

    होवे हरदम बलवती, धर-धर कर नव भेस ।।


    दिनेश की टिप्पणी - आपका लिंक

    http://dineshkidillagi.blogspot.in

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  3. Uttam - ati uttam kriti!

    Bahut sundar!

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  4. अस्तित्व रहेगा तो सारे दुख भी सह लिये जायेंगे..

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  5. रहनी भी चाहिए.....आशा से ही जीवन में गति है ।

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  6. सच कहा...आशा है तो जीवन है...
    सुन्दर!!!

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  7. इक आशा और उम्मीद ही तो जीना सिखाती है...

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  8. आशा है तो उम्मीद है
    बहूत हि अच्छा लिखा है:-)

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  9. बहुत सुंदर भाव| होली की शुभ कामनाएं|

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  10. शुक्रवारीय चर्चा मंच पर आपका स्वागत
    कर रही है आपकी रचना ||

    charchamanch.blogspot.com

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  11. विचारों को गति देता हुआ सृजन ...सुन्दर व रोचक है
    कहते है आशा ही जीवन ,जो अग्रिम पथ का मजबूत सोपान है , बधाईयाँ /

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  12. गहरी सोच ...!
    सुन्दर प्रस्तुति !
    आभार !

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  13. आशा ही जीवन है ......सुंदर प्रस्तुति. हेतु आभार.

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  14. यदि मेरा कोई एक रूप टूट भी गया बिखर भी गया
    तो झट से एक नए कलेवर को धारण करके
    मैं पुनः मन में प्रकट हो जाउंगी
    मैं रहूँगी, सदा रहूँगी.....
    BEAUTIFUL POST.
    HOPE ASHA FEW LINES BUT VERY STRONG.

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  15. आशा ही जीवन को आगे बढने में गति देता है,..
    अच्छी प्रस्तुति,इस सुंदर रचना के लिए बधाई,...

    NEW POST ...काव्यान्जलि ...होली में...

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  16. कल 03/03/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  17. जीवनामृत (आशा) को पुनः दर्शाती सुंदर कविता.

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  18. सुन्दर...
    आशाओं का दीप सदा जलता रहे....अस्तित्व रोशन रहेगा ही...
    स्नेह...

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  19. aasha hi to wo ek akeli aisi bhaavna hai jo aur kisi bhaav ko khatm nahi hone deti... vyakti janm se maran tak ka safar isi aasha ke shaare kar leta hai... shabdon ka bandhan achha laga... khubsurat kavita hai....

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  20. बहुत ही बढ़िया रचना है....
    बेहतरीन अभिव्यक्ति..

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  21. मैं एक आशा हूँ
    मेरे टूट जाने का तो सवाल ही नहीं होता

    bahut sundar...

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  22. आशा है साथ तो हर मुश्किल है आसान ...अच्छी प्रस्तुति

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  23. सुन्दर भावाभिव्यक्ति ,

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  24. आशा है तो जीवन है !सुंदर प्रस्तुति!

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  25. ekdum satya....aasha ke bina to jeevan hi nahin....dono paryaay hain ek-dooje ke....

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  26. वाह ...बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति ।

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