Wednesday, 1 February 2012

नादान फूल





फूलदान   में  मुरझाने   ही  वाले  है  जो, वो  फूल

वो मुझे कह रहे है  बार-२,  के  तुम  चले   गए हो

मैं उन्हें झिड़क देती हूँ पागल और नादान कह कर

अगर   तुम  चले   गए  होते   मुझ   से  दूर   कहीं 

तो    मेरी   पलकें     झपकना    ना   भूल    जाती

बंद ना  हो  गयी  होती  मेरी  आँखों  की  हलचल?


मेरे होठों  की  गुलाबी  रंगत  पर  गम  की स्याही

ने   कब्ज़ा  ना   कर  लिया   होता     अब   तक ?

दिल   धडकने   से   मना   ना   कर   चुका होता 

साँसें      थम     के   खड़ी   ना   हो   गयी   होती 

तुम्हारे   जाने   की    गवाही    देने    के   लिए ?

ऐसा     तो   कुछ      भी     नहीं    हुआ    है ना  ?

फिर कैसे सच मान लूँ मैं इन नादान फूलों की बात 

मेरा  होना  ही सुबूत है  तुम्हारे   ना   जाने  का ......






(अवन्ती सिंह )

40 comments:

  1. बहुत सुन्दर...
    इन्तहा है ये तो मोहब्ब्त की...

    सस्नेह.

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  2. बहुत सुन्दर तुम्हारी पंक्तियों ने मुझे अपनी ही कुछ पंक्तियाँ याद दिला दी
    "मैं तुझे ज़हर दूं तो शायद मैं ही मर जाऊं
    तेरा होना ही मेरे होने का सबूत है"

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    1. waahh! bahut hi sundr panktiyaan hai ....agr ye koi kavita ki panktiyaan ho to plz padne ka mauka dijiyega....rachna pasnd karne ka aabhaar...

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  3. सुन्दर भाव बेहतरीन अभिव्यक्ति ..

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  4. मेरा होना ही सुबूत है तुम्हारे ना जाने का ......
    kya baat...mann ko chhu gayi aapki rachna..

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  5. बहुत खूब ....सुन्दर है पोस्ट|

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  6. बहुत खूबसूरत, बधाई.

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  7. मेरा होना ही सुबूत है तुम्हारे ना जाने का ......
    waah!!!!!

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  8. फूलदान में मुरझाने ही वाले है जो, वो फूल
    वो मुझे कह रहे है बार-२, के तुम चले गए हो
    मैं उन्हें झिड़क देती हूँ पागल और नादान कह कर
    अगर तुम चले गए होते मुझ से दूर कहीं
    तो मेरी पलकें झपकना ना भूल जाती
    बंद ना हो गयी होती मेरी आँखों की हलचल?

    बहुत सुन्दर पंक्तिया ! आपकी अन्य रचनाये भी पड़नी है!

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  9. फिर कैसे सच मान लूँ मैं इन नादान फूलों की बात

    मेरा होना ही सुबूत है तुम्हारे ना जाने का ......

    वाह ...जिंदगी को जीवंत करती पंक्तियाँ ....

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  10. मेरा होना ही सबूत तुम्हारे होने का ...
    विश्वास की यह अभिव्यक्ति मन जुड़ा गयी !
    विश्वास यूँ ही बना रहे , शुभकामनायें !

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  11. वाह!
    बेहतरीन भाव।

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  12. क्या बात है..बहुत सुन्दर लिखा है ..
    kalamdaan.blogspot.com

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  13. सुन्दर भाव एवं अभिव्यक्ति के साथ लाजवाब रचना लिखा है आपने! बधाई!

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  14. आपकी पोस्ट आज के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
    कृपया पधारें
    http://charchamanch.blogspot.in/2012/02/777.html
    चर्चा मंच-777-:चर्चाकार-दिलबाग विर्क

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  15. फूल जब तक भी रहते हैं, वातावरण को महकाकर रखते हैं...

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  16. bahut hi nirale andaj me khoobsoorat rachana avanti ji ....badhai sweekaren.

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  17. फूल तो बेचारे नादाँ ही होते है शायद..
    लोग तो उनकी खुशबू भी चुरा लेते हैं |

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    1. ji haan theek kaha aap ne....shukriya...

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  18. मेरा होना ही सबूत है तुम्हारे न होने का.....
    लजवाब........
    कृपया इसे भी पढ़े
    नेता,कुत्ता और वेश्या

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  19. मेरा होना ही सुबूत है तुम्हारे ना जाने का ......

    ...बहुत खूब ! बहुत सुंदर अभिव्यक्ति...

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