Saturday, 10 March 2012

तस्वीरों में खुशियाँ

खुशियों के पल इंसान के जीवन में कम ही आते है 
ये बहुत बार सुना था ,इसलिए जब भी खुशियाँ मिली 
उनकी तस्वीर बना कर रख दी मैं ने .......
के जब ना रहेगी ये खुशियाँ तो इन की देख कर तस्वीरें 
दिल को कुछ पल सुकून मिल जायेगा .....
खुशियाँ आती गयी ,जाती गयी,मैं तस्वीरें बनती गयी....
पर एक दिन जब निकाल कर देखा उन सब तस्वीरों को 
तो मैं हैरान रह गयी ,मेरी आँखे तो उन तस्वीरों को देख 
कर इस कद्र बहने लगी जैसे किसी पुराने  बाँध में दरार 
पड़ गयी हो ,  मैं कितनी नादाँ हूँ,   गयी   हुई     खुशियाँ, 
 तस्वीर      में कहाँ    बांध   कर    रखी   जा सकती है ,
वो तो और गहरा कर देती है ,उन खुशियों के गुज़र जाने 
के अहसास को........



(अवन्ती सिंह )   

26 comments:

  1. bahut khoob...antim panktiyan gahan bhaav liye...

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  2. खुशियों का स्वागत करो, जी-भर जी भरपूर ।

    गाँठ बाँध रख न सकें, समय देव अति-क्रूर ।।

    दिनेश की टिप्पणी : आपका लिंक
    dineshkidillagi.blogspot.com

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  3. बहुत सुन्दर.....
    खुशियों को कौन बाँध पाया है..

    यादें ज़रूर रहती हैं...

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  4. यह तो सदा से होता आया है ......ख़ुशी की यादों ने अक्सर हमें रुलाया है
    बीते हुए दर्द को जब भी याद किया .....गर्व से सर उठा ही पाया है
    ख़ुशी क्यों बीत गयी .....इसी गम ने घेरा है
    और बुरे वक़्त को हंसके हमने टाला है

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  5. बहुत अच्छी प्रस्तुति!
    इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!

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  6. बहुत ही बेहतरीन गहन भाव अभिव्यक्ति है...

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  7. खुशियाँ ऐसे भी होती हैं !!!

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  8. बेहतरीन भाव अभिव्यक्ति|

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  9. गयी हुई खुशियाँ,
    तस्वीर में कहाँ बांध कर रखी जा सकती है ,
    वो तो और गहरा कर देती है ,उन खुशियों के गुजर जाने
    के अहसास को........

    यद्यपि खुशियां बांध कर नहीं रखी जा सकतीं,
    लेकिन उनके गुजर जाने की याद में अनुभूत अहसास एक सुकून भी देता है।

    कविता बढि़या है।

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  10. खुशी के पलों की यादें और भी खुशी दे जाती हैं।

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  11. kas khushiyan bandhi ja sakatin.......bahut hi sundar post...badhai awanti ji.

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  12. मनुष्य को पता ही नहीं कि खुशी क्या है और उसका स्रोत क्या है। खुशी हमारे भीतर ही है,उसे कहीं बाहर से पाना नहीं है। उसे बाहर पाने की हर कोशिश नाकाम होनी ही है।

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  13. Replies
    1. बहुत खूब, बधाई.

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  14. बहुत ही बेहतरीन और प्रशंसनीय प्रस्तुति....
    शुभकामनाएँ

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  15. बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति।

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  16. आप मेरे ब्लॉग पे आये बहुत ही अच्छा लगा आपका बहुत बहुत हार्दिक अभिनन्दन है मेरे ब्लॉग पे बस आप असे ही मेरा उत्साह बढ़ाते रहिये
    जिसे मुझे उर्जा मिलती है
    आपका बहुत बहुत धन्यवाद्
    आपका ब्लॉग देखा मैने और नमन है आपको
    और बहुत ही सुन्दर शब्दों से सजाया गया है बस असे ही लिखते रहिये और कुछ अपने विचारो से हमें भी अवगत करवाते रहिये
    होली की हार्दिक सुभकामनाये
    १.बेटी है गर्भ में गिराए क्या ??????
    http://vangaydinesh.blogspot.in/2012/02/blog-post_07.हटमल
    2दो जन्म

    कुछ अनकही बाते ? , व्यंग्य: जब इस्लाम मूर्ति पूजा के विरुद्ध है तो मुसलमान काब..
    http://vangaydinesh.blogspot.in/2012/02/blog-post_27.html

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  17. !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!

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  18. gahan abhiyakti,saral shabdo'n me'n............

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  19. बहुत भावपूर्ण सचमुच!

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  20. सुन्दर प्रस्तुति !
    आभार !

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